प्रसिद्ध संगीतकाऱ राजकमल की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि
राज कमल (15 जनवरी 1921 – 1 सितंबर 2005) एक प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार थे। उन्होंने क्लासिकल संगीत की रचना की जैसे कि अविस्मरणीय चश्म-ए-बद्दूर,कहाँ से आये बदरा, काली घोडी द्वार खड़ी, सावन कोई आने चाँद जैसे मुखडे पे केजे येशुदास, तकदीर से कोई आनंद सी आनंद द्वारा गाया गया गीत, और कई अन्य मशहूर गाने। उन्होंने बी आर चोपड़ा के क्लासिक टेलीविजन शो महाभारत के लिये संगीत की रचना की
संगीतकार राज कमल का जन्म राजस्थान के मथानिया नामक गाँव में हुआ था जन्म के बाद उनका नाम दलपत रखा गया, जिसे उन्होंने बाद में बॉलीवुड के लिए राज कमल में बदल दिया। वह 5 बच्चों में सबसे बड़े थे। राज कमल अपने पूरे परिवार के साथ बंबई आए; उनके पिता को उनके भाई, तबला वादक पं0 बंसीलाल भारती के यहाँ रखवा दिया शादी के बाद राज कमल और उनकी पत्नी सागर के 6 बच्चे हुए – चंद्र कमल, सूर्य कमल, विनय कमल, हृदय कमल, शुभ कमल और एक बेटी। उनके तीन बड़े बेटे सभी संगीतकाऱ हैं। राज कमल के एक और चाचा, गायक आनंदकुमार सी। भी बॉलीवुड में शामिल हुए और उन्होंने राज कमल की कई रचनाएँ गाईं।
राज कमल की मृत्यु अल्जाइमर रोग से 1 सितंबर 2005 को 84 वर्ष की आयु में हुई,